एन . के . पब्लिक सी . से . स्कूल , आर्य नगर , मुरलीपुरा , जयपुर
1985 में अपने स्थापना वर्ष से ही यह विद्यालय अहर्निश उन्नति करता हुआ शैक्षिक सत्र 1989-90 में माध्यमिक एवं 1992-93 में उच्च माध्यमिक सत्र पर क्रमोन्नत हुआ एवं वर्तमान में सीनियर माध्यमिक सत्र पर कला, वाणिज्य, विज्ञान व ललित कला संकाय में सह शिक्षा सहित विशाल सम्पूर्ण सुविधा सुसज्जित भवनों में संचालित है |
शिक्षा की उर्ध्वोत्तारता व प्रसरण की प्रबल आकांक्षा की संवाहिका 'एन. के. पब्लिक स्कूल शिक्षा समिति' द्वारा भारतीय संस्कारों मय आंग्ल वातावरण के सृजनात्मक परिवेश से युक्त अंग्रेजी माध्यम के उ. मा. व माध्यमिक स्तर के विद्यालयों का भव्य भवनों में सञ्चालन क्रमश मुरलीपुरा व सांगानेर में हो रहा है |
एन. के. शिक्षण संकुल की नवशाखा एन. के. पब्लिक स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) का शुभारम्भ राजावास, सीकर रोड, जयपुर पर हो चूका है. यह विद्यालय सी. बी. एस. ई. से सम्बद्ध है जिसका सम्बधता क्रमांक 1730406 है |
इस सत्र में वहां कक्षा नर्सरी से 10वी तक की कक्षाएं संचालित है. प्रदुषण रहित हरित वातावरण से युक्त इस विद्यालय में क्रिकेट, वौलीबौल, बैदमिन्तन, फूटबौल, एवं स्केटिंग के समृद्ध खेल के मैदान उपलब्ध है | भव्य भवन में वातायानित कक्ष, विस्तृत प्रयोगशालाएं एवं बालक के सर्वांगीण विकास के लिए समुचित संसाधन इस विद्यालय की अपनी विलक्षणता है |
एन. के. शिक्षा समिति द्वारा राजावास में सत्र 2007-08 से 'एन. के. शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय' का भी शुभारम्भ किया जा चूका है |
विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमताओं को उकेरने के लिए विद्यालय स्तर पर संगीत, नृत्य, वाद-विवाद, विचित्र वेश-भूषा, एकाभिने आदि प्रतियोगिता का आयोजन प्रस्तावित योजनानुसार किया जाता है |
विद्यालय में कक्षा 9 से 11 तक सभी वर्गों के विद्यार्थियों को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पूर्ण मासिक शुल्क व द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर अर्द्ध मासिक शुल्क से मुक्त रखा जाता है |
शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियों हेतु 'महामहिम राज्यपाल राजस्थान सरकार' द्वारा विद्यालय के प्रबंध निदेशक महोदय को 'गुनीजन' सम्मान से अलंकृत किया गया |
शिक्षा से बालक का सर्वांगीण विकास होता है. विद्यार्थी के शैक्षिक, शारीरिक, सामाजिक व गामक विकास के साथ उसके संवेदनात्मक विकास पर भी पूर्ण ध्यान दिया जाता है |
विद्यालय की शैक्षिक व सह शैक्षिक उपलब्धियां तो शलाध्नीय रही ही है, साथ ही मानवीय मूल्यों के संरक्षण में भी विद्यालय अग्रगण्य रहा है. एस. ओ. एस. बाल ग्राम को विद्यालय द्वारा एक लाख एक हजार की राशी प्रदान कर विद्यार्थियों के संवेग्तात्मक विकास की दिशा को दर्शाया है |
अभी हाल ही में कुष्ठ रोगियों की सहायतार्थ विद्यालय द्वारा आई. डी. ऍफ़. को 1,02,000 रुपये की सहयोग राशि दी गई |
यह विद्यालय सर्वदा ही आपकी स्नेहमयी श्लाधा सज पात्र बना रहा है. उर्ध्वोत्तर विकास हेतु आपका सहयोग व स्नेह अहर्निश आकांक्षित है |



